बुधवार, 4 अगस्त 2010

तुम पास में ठहरो, वक्त गुज़र जाने दो.












आधी रात बीत गयी बाकी भी बीत जाने दो
तुम पास में ठहरो, वक्त गुज़र जाने दो.

आयेगे और भी मौसम आकर चले जायेगे
पर तुम्हारे जाने से, बेमतलब हो जायेगे.

हवाएं अलसाई है फूलो को निखर जाने दो
चांदनी पिघल  रही है, रात संवर जाने दो.

प्रथम मिलन का प्रिय गीत फिर सुना दो
उस पार जाने से पहले, इक बार मुस्करा दो.

नदी  का गीत यूं टूटकर बिखर जाएगा 
तुम अभी जाओगी तो चाँद मुरझा जाएगा

सुर्ख होठो की लाली पूरब में बिखर जाने दो
तुम पास में ठहरो, वक्त गुज़र जाने दो.