सोमवार, 4 अगस्त 2014

सइकिल से हीरोहंडा हो गईल।



सभी  दिल्लीमेड पुरबिया छात्रों  को समर्पित  

+++

बबुआ जबसे भईले दिल्ली के पढ़वईया 
सइकिल से हीरोहंडा हो गईल। 

जबसे लेहले बा एडमीसन 
भूला जवनपूर के लच्छन 

पौडर मलि मलि करिया रंग रहे छोडईया   
कि बचवा मोंछमुंडा हो गईल। 

सारा दिन कैम्पस घूमेला 
एक दुई लड़िकिन के लिहेला 

गईले अफसर बनने बन गईले नचईया 
बेटवा त डीके पंडा हो गईल।  

माई बाबू के करेजा 
डूड बनिके खाए पीजा 
  
चाऊमीन के चाँपे छुटलेस दूध मलईया 
दुई दिन में सरकंडा हो गईल 

हाऊ आर यू बोलेला   
सीयू सीयू कहलेला 
हेल्लो हाय बाय में भूलेस गोड़ धरईया 
सहरवा के लवंडा हो गईल। 

बबुआ जबसे भईले दिल्ली के पढ़वईया 
सइकिल से हीरोहंडा हो गईल। 


3 टिप्‍पणियां:

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति आज बुधवारीय चर्चा मंच पर ।।

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत खूब।
क्या कहने...

Wasudeo Thavkar ने कहा…

bahot ache........!!