गुरुवार, 6 फ़रवरी 2014

मेरी कोशिश जारी है

रोटी दाल चला पाना अब, बहुत बड़ी ऐय्यारी है 
नून तेल की बंदोबस्ती दर्ज़े की फनकारी है। 

घीसू को घर मिला नया, होरी को कर्जा माफी 
इन बातो पर मत जाना ये विज्ञापन सरकारी है। 

पंचायत बैठाई है फिर, बेटो ने बंटवारे पर 
अम्मा को दो रोटी देना किसकी जिम्मेदारी है। 

आग लगी है पानी में, आज सियासी चालों से 
एहतराम के बाद पड़ोसी रामदीन की बारी है।

जुगनू सा ही सही मगर, मैं हूँ विरुद्ध अँधियारो के
तुम आओ ना आओ  लेकिन मेरी कोशिश जारी है।

2 टिप्‍पणियां:

S.M Masum ने कहा…

अपनी इस कोशिश में हमें भी साथ ले लें |

pooja shrivastava ने कहा…

"घीसू को घर मिला नया, होरी को कर्जा माफी
इन बातो पर मत जाना ये विज्ञापन सरकारी है।" मैं साक्षी हूँ यही सच है |