गुरुवार, 31 जनवरी 2013

कलम तुम उनकी जय बोलो...


नजर टेढ़ी जवानो की भिची जो मुट्ठिया हो फिर
भगत आजाद अशफाको  की रूहे झूम जाती है,
जय हिंद के जयघोष की उट्ठी सुनामी जो  
तमिलनाडु से लहरे जा हिमालय चूम आती है 

मेरी धरती मेरा गहना   इसे माथे लगाउंगा 
जब तक सांस है बाकी इसी के गीत गाउंगा,
गुजरी कई सदिया मगर इक वास्ते तेरे
हजारो  बार आया हू हजारो बार आउंगा

                                               

कहू गंगा कहू जमुना कहू कृश्ना कि कावेरी  
रहू कश्मीर या गुजरात या बंगाल की खाडी, 
मै हिन्दी हू या उर्दू हू कन्नड हू कि मलयालम
मै बेटा हू सदा तेरा तु माता है सदा मेरी

तेरे नगमे मेरे होठों पे कलमा के सरीखे है 
तेरे साए हूँ इस बात का अभिमान करता हूँ .
तेरी सुर्खी रहे कायम दो मुट्ठी राख से मेरी 
सलामे हिंद अपनी जान मै कुरबान करता हूँ 
                                                                                                                                                   जय हिन्द


9 टिप्‍पणियां:

शिवम् मिश्रा ने कहा…

जय हिन्द !!

बाल श्रम, आप और हम - ब्लॉग बुलेटिन आज की ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…

ओज भरी यह रचना सामान्य लेखन से अलग आपनी पहचान बनाती है- लेखनी यों ही गतिमान रहे !

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

Kalipad "Prasad" ने कहा…


ओजस्वी ,देश प्रेम से प्रेरित उत्कृष्ट रचना
New postअनुभूति : चाल,चलन,चरित्र
New post तुम ही हो दामिनी।

ramji ने कहा…

गा लो गीत वतन के पी लो ठंढा पानी
याद करो आजादी के वीरों की कुर्वानी
अंग्रेज ने लूटा वतन तो वो कहलाये दुश्मन
अब जो लूट रहे हैं उनकी कौन कहे कहानी ;;;;हम हिन्तुस्तानी ;;;;;;;

Rajendra Kumar ने कहा…

बहुत ही ओजपूर्ण देशभक्ति से प्रेरित कविता.

Kuldeep Sing ने कहा…

आप की ये सुंदर रचना शुकरवार यानी 22-03-2013 की नई पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही है...
आप भी इस हलचल में शामिल होकर इस की शोभा बढ़ाएं।
आप के सुझावों का स्वागत है। आप से मेरा निवेदन है कि आप भी इस हलचल में आकर इसकी शोभा बढ़ाएं...
सूचनार्थ।

Kuldeep Sing ने कहा…

आप की ये सुंदर रचना शुकरवार यानी 22-03-2013 की नई पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही है...
आप भी इस हलचल में शामिल होकर इस की शोभा बढ़ाएं।
आप के सुझावों का स्वागत है। आप से मेरा निवेदन है कि आप भी इस हलचल में आकर इसकी शोभा बढ़ाएं...
सूचनार्थ।

expression ने कहा…

बहुत बढ़िया......
ऊर्जा से भरी अभिव्यक्ति..

अनु