सोमवार, 8 अक्तूबर 2012

बनाना रिपब्लिक के अमीर मैंगो मैन के की क्या ख्वाईश है? आज की असेम्बली मे भगत तुम नकली नही असली बम्म फोड दो.


28 रुपये प्रतिदिन कमाने वाले बनाना रिपब्लिक के  अमीर मैंगो मैन के की क्या ख्वाईश है? जवाब सुन लीजिये.. 
"इस समय देश मे एक ऐसी क्रांति की निहायत जरूरत है जो देश के ढाचे को रैडिकली चेंज कर दे... रूस के जार की तरह हिन्दुस्तान के जारो को समाप्त कर देने के बारे मे हमे सोचना होगा. फ्रांस के राजा रानी  की गति जैसी आज भारत के लुटेरो और "लुटेरिनो" की होनी चाहिये. दिमाग का दही बन गया है. आज की असेम्बली मे भगत तुम नकली नही असली बम्म फोड दो. अबकी बार तुम्हे फासी नही बल्कि फिरंगियो को  उनके सरदार सहित होगी".
फिर मेरी कलम उस क्रांतिस्वर के साथ आवाज मिलाती है प्रेम के गीत छोडकर अंगारो की फसल उगाती है.













 
उठो कि भारत बोल रहा है
गंगा का जल खौल रहा है
देश रखा है गिरवी पर,
चुपचाप सहेगे कब तक?

सांस आखिरी जब तक,
लडते रहेगे तब तक !

साथी आना हाथ बढाना
एक एक कर जुडते जाना
जब तक पूरे सपने ना हो,
नही रुकेगे तब तक .

सांस आखिरी जब तक,
लडते रहेगे तब तक !

तोडो भ्रष्टतंत्र का   कारा
जनजन का हो एक ही नारा
राज्य करे जनराज्य करे,
जनराज्य करेगे अब बस्स.

सांस आखिरी जब तक,
लडते रहेगे तब तक !

सत्ता का व्यापार हुआ है
सत्य बहुत लाचार हुआ है
दीन दशा मे जन गण मन,
बर्दाश्त करेगे कब तक?

सांस आखिरी जब तक,
लडते रहेगे तब तक !







भ्रष्टाचारी हट्ट, भ्रष्टाचारी हट्ट
ले के रहेगे हक, जनता का जो हक