रविवार, 15 अप्रैल 2012

ऋषि कलाम ही अगले राष्ट्रपति हो. आप क्या सोचते है?

मै चाहता हू कि देश का राष्ट्रपति किसी राजनीतिक दल का पिछलग्गू ना हो ना ही किसी व्यक्ति विशेष का कृपापात्र. वह किसी नेता या नेती के यहा रसोईया या झाडू लगाने वाला ना हो. एक गरिमामयी शख्शियत का मालिक हो जिसकी वजह से देश का स्वाभिमान बढा हो. ऐसा कौन हो सकता है . सोचने वाली बात नही. ऋषि ए पी जे कलाम से बेहतर कौन हो सकता है
वायु पुराण में ॠषि शब्द के अनेक अर्थ बताए गए हैं-
"ॠषित्येव गतौ धातु: श्रुतौ सत्ये तपस्यथ्। 
एतत् संनियतस्तस्मिन् ब्रह्ममणा स ॠषि स्मृत:॥"      इस श्लोक के अनुसार 'ॠषि' धातु के चार अर्थ होते हैं- गति श्रुति सत्य तथा तपस्या. ये चारो गुण कलाम साहब मे है इसलिये मै चाहता हू कि देश का नेतृत्व वह पुन: सम्भाले आप क्या सोचते है?
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                                                                   कलाम को समर्पित
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आप मिसाइल मैन है या
एक मिसाल ,
जो हम जैसो के लिए बन गए है।
लेकिन,
आपकी सटीक परिभाषा दूंगा
एक मशाल के रूप में ।
आपने ता-उम्र जलकर
रोशनी दी है
सौ करोड़ से अधिक आत्माओं के लिए
आप बनगए है
अक्षय ऊर्जा स्रोत।
आपकी रहस्यमयी मुसकान
मुझे चुनौती देती है
और प्रेरित करती है
'दिया' बन जाने को
हताशा के अँधेरे में ,
और
भय की ठिठुरन में
'अग्नि' बन जाने को।

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6 टिप्‍पणियां:

ashish ने कहा…

वाह , ऐसा होने नहीं देंगे हमारे देश के कर्णधार नेता लोग . वैसे भी चुनना तो उन्ही को है . कविता बहुत झकास लिखी है

Ravindra Nath ने कहा…

इनसे बेहतर कोई और हो नहीं सकता, पर आपको याद है किस प्रकार से संप्रग सरकार ने इनके दोबारा चुने जाने पर अडंगा लगाया था, अब मान जाएंगे क्या वो?

दिगम्बर नासवा ने कहा…

आपका कहना हो सही है ... पर देश के स्वार्थी नेता ऐसा होने नहीं देंगे ... अपनी कठपुतली चाहते हैं वो इस पोस्ट के लिए ...

Sandeep Shukla ने कहा…

very true

ramji ने कहा…

कलाम जी को सलाम ,,,भ्रस्टाचारी उन्हें चाहे राष्ट्रपति बनने दे या नहीं , हम देशप्रेमी देश वाशियों के आदर्श राष्ट्रपति तो वो हमेशा रहेंगे ..

आशीष ढ़पोरशंख/ ਆਸ਼ੀਸ਼ ਢ਼ਪੋਰਸ਼ੰਖ ने कहा…

मिश्र जी,
नमस्ते!
कलाम को सलाम!
आशीष
--
द नेम इज़ शंख, ढ़पोरशंख !!!