गुरुवार, 12 जनवरी 2012

हमने एक पहल की है आप क्या सोचते है?


यह ओमेन्द्र भारत है जो कि आई आई टी कानपुर से एम टेक है.   राजनीति जो सुई से हवाई जहाज की कीमते तय करने के साथ पढाई लिखाई तथा यहा तक कि खाने की थाली मे क्या हो तय करती है, राजनीति जिसे  लोगो ने फालतू की चीज मानकर गुंडे मवालियो भूमाफियाओ धनपशुओ गद्दारो चरित्रहीनो के लिये छोड दिया है, हम केवल राजनेताओ को गाली देकर अपने कर्तव्यो की इति श्री कर लेते है, हम लोगो ने यह तय किया है उसी राजनीति को साफ करने उसे स्वच्छ करने के लिये आजाद भगत सिह अशफाक की कडी को पुनः जोडा जाय्. आज जो कुछ नही करता वह राजनीति करने लगता है. सोचिये हाईस्कूल फेल नेता हमारी शैक्षिक नीति कैसे बना सकता है. यह सोचने का वक्त है अपनी सोच को कार्यांवित करने का वक्त है. हमारा सरोकार क्या इतना ही है कि सुबह 8 से शाम पाच बजे की नौकरी के बाद टी वी पर बहस देख कर चादर लम्बी कर नेताओ को कोस कर सो जाये? अपने अपने निजी स्वार्थो के लिये कब तक हम चुप बैठे रहेगे? इसी चुप्पी ने हमे 800 साल गुलाम बनाये रखा.
आईये हम लोग मिलकर एक स्वस्थ भारत के पुनर्निमाण के लिये  आने वाली पीढियो के लिये साथ चले.
जय हिन्द वन्दे मातरम.