बुधवार, 16 फ़रवरी 2011

हम सीधे गोली मारेगे...











वो सड़क पे हत्या करता है
तुम न्याय की बाते करते हो
वो जहरीला दांत गडाता है
तुम सांप  को दूध पिलाते हो  

आखिर बात बताओ हमको
अफजल सजा  क्यों नहीं पाता
कसाब की खातिरदारी काअब 
तक अंत  क्यों नहीं आता

आखिर कब तक शेर मरेगे
तुम जैसे सियार बचाने में
वो रोज़ कतल कर जाते है
तुम लगे हो व्यापार  बढाने में

अभी  भी मौका है तुम   दे
दो फासी दोनों  हत्यारों को 
नहीं तो सजा वही पाओगे 
जो मिलती  है गद्दारों को  

सहने की सीमा ख़त्म हुई
अब दुश्मन की छाती जारेगे
कानून महज तारीखे देगा
हम सीधे गोली मारेगे