सोमवार, 21 नवंबर 2011

क्यों न कबड्डी को राष्ट्रीय खेल बना दिया जाय क्या ख़याल ?




ज"जियो खिलाड़ी मार दे टंगड़ी 
     शानदार रहे भारत की पगड़ी 


कबड्डी हमारा परंपरागत खेल है हम विश्वविजेता है. महिला एवं पुरुष दोनों वर्गो में चैम्पियन.
क्यों न कबड्डी को राष्ट्रीय खेल बना दिया जाय क्या ख़याल ?

5 टिप्‍पणियां:

ramji ने कहा…

बिलकुल सही कहा आपने इस खेल में हर्रे फिटकरी कुछ नहीं लगनी है ....घोटाले की कम संभावना है...

हुर्र कबड्डी ...........................................................कबड्डी ..................................................................................

दिलबाग विर्क ने कहा…

क्या आपको लगता है कि जो टूर्नामैंट भारत ने जीता है वो विश्व कप है
दरअसल हर टीम में पंजाब के खिलाडी थे , पंजाब पंजाब से खेल रहा था
विश्व कप के लिए विश्व स्तरीय कमेटी होती है वो कहाँ थी इसमें
बादल सरकार न आई तो अगली बार कौन करवाएगा इसे

dheerendra ने कहा…

मै आप से सहमत हूँ
और खेलो कि तरह इसे भी सम्मान मिलना चाहिए
सार्थक पोस्ट ....
मेरी नई पोस्ट पर आप का स्वागत है

Sunil Kumar ने कहा…

सुझाव तो अच्छा ही है ..

ZEAL ने कहा…

Loving the idea, still i doubt that people of India will understand the feeling of sports. They are just crazy about cricket. Discrimination is still prevailing.