मंगलवार, 14 दिसंबर 2010

राम कहानी..........
















इस दुनिया में सबकी
अपनी राम कहानी है,
कही छलकते पैमाने है
 कही आँख का पानी है।

चौथेपन में सत्ता का रस
 छक कर मतवाले पीते है,
गिरती पड़ती ठोकर खाती
 घायल नयी जवानी है।

पढ़े लिखो की दुनिया में
 अनपढ़ का गुजारा कैसे हो,
गले लगा कर गला दबाना
 आदत बहुत पुरानी है।

रातो को नींद नहीं आती
दिन भर घबराया रहता ,
हाथ आज खाली खाली औ'
 बिटिया हुयी सयानी है।

19 टिप्‍पणियां:

meri awaaj ने कहा…

राम कहानी राम पे छोडो कोइ न सुनेगा राम की ,

कुछ करना कुछ ना करना फितरत है इंसान की

अपने राम यही है कहते जो करो सो पावो

ये सब दुनियां राम भरोसे राम राम सब गाओ

उपेन्द्र ' उपेन ' ने कहा…

ये राम कहानी तो सचमुच बहुत ही विचारणीय है वैसे हर आदमी की कुछ ना कुछ ऐसे ही एक कहानी होती है...... सुंदर प्रस्तुति .

आलोकिता ने कहा…

Maine ajj pahli baar aapki blog padhi palash par link mila aapke blog ka acha laga padh kar(reality type)

एस.एम.मासूम ने कहा…

क्या बात कही है पवन साहब ..
.
कुछ करना कुछ ना करना फितरत है इंसान की

abhishek1502 ने कहा…

यथार्थ का आईना दिखाती उत्तम कोटि की रचना के लिए बधाई

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

ये घर घर की राम कहानी है। अच्‍छा लगा पढना।

---------
प्रेत साधने वाले।
रेसट्रेक मेमोरी रखना चाहेंगे क्‍या?

बेनामी ने कहा…

SIR,YOU WRITE GREAT WORDS .

AAJ KE DUNIYA ME INSHAN HI LIKH RAHA HAI DUSRE INSHAN KI RAM KAHANI .

----------DEVESHWAR AGGRAWAL"DEEPAK"
KIT KANPUR

"पलाश" ने कहा…

खुद को ही समझ पाने को
पड जाती कम जिन्दगानी है
इस रंग बदलती दुनिया में
राम की भी बदलती कहानी है

'साहिल' ने कहा…

इस दुनिया में सबकी
अपनी राम कहानी है,
कही छलकते पैमाने है
कही आँख का पानी है।

bahut khoob kaha hai.........

amar jeet ने कहा…

रातो को नींद नहीं आती
दिन भर घबराया रहता ,
हाथ आज खाली खाली औ'
बिटिया हुयी सयानी है।
वाह क्या खूब लिखा आपने

Kailash C Sharma ने कहा…

चौथेपन में सत्ता का रस
छक कर मतवाले पीते है,
गिरती पड़ती ठोकर खाती
घायल नयी जवानी है।

यही आज का कटु सत्य है...सुन्दर प्रस्तुति

प्रेम सरोवर ने कहा…

जीवन के कटु सत्य को उदभाषित करती आपकी यह कविता बहुत ही अच्छी लगी। मेरे पोस्ट पर आपका स्वागत है।

ZEAL ने कहा…

गले लगा कर गला दबाना
आदत बहुत पुरानी है..

wow ! speechless !

.

ashish ने कहा…

इस दुनिया में सबकी
अपनी राम कहानी है,
कही छलकते पैमाने है
कही आँख का पानी है

सुन्दर एवं सटीक अभिव्यक्ति ,

संजय भास्कर ने कहा…

आदरणीय पवन कुमार जी
नमस्कार !
वाह क्या खूब लिखा आपने
कटु सत्य है...सुन्दर प्रस्तुति

संजय भास्कर ने कहा…

वाह पहली बार पढ़ा आपको बहुत अच्छा लगा.

arganikbhagyoday ने कहा…

बहुत सुन्दर!

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

अच्छी प्रस्तुति

वीना ने कहा…

बहुत बढ़िया....