बुधवार, 8 दिसंबर 2010

जो मंगल गीत बना उसको निश्चित मातम बन जाना है.











अनमोल पलों को खोकर हम

कुछ नश्वर चीजे पाते है
और उस पर मान जताते है
यह अभिमान क्षणिक  है बंधू
समय का कौन ठिकाना है
जो मंगल गीत बना उसको
निश्चित मातम बन जाना है.


घनघोर घटाए आती है
पल भर में प्रलय मचाती है
लेकिन अगले ही क्षण उनको
अपना अस्तित्व मिटाना है.

जैसे सागर की लहरे
तट पर आती मिट जाती है
इस धरती पर सबको वैसे
आना फिर मिट जाना है.

जो आज हमारा अपना है
कल और किसी का होगा वह
सारे जग की यही रीत है
उस पर क्या पछताना है.

जग ठगता है हर पल पग पग
क्यों रोते हो ऐसा कह कर
देकर धोखा अपने तन को
एक दिन तुमको भी जाना है....

11 टिप्‍पणियां:

ashish ने कहा…

जीवन के सत्य को शब्दों में ढाल दिया है . ये सब जानते हुए भी हम अपने कृत्य और व्यवहार में परिवर्तन की नहीं सोचते है .

Kailash C Sharma ने कहा…

यह अभिमान क्षणिक है बंधू
समय का कौन ठिकाना है
जो मंगल गीत बना उसको
निश्चित मातम बन जाना है.

जीवन के शाश्वत सत्य का बहुत ही भावपूर्ण चित्रण..बहुत सुन्दर

ram ने कहा…

हमें खुशियों को भोगना हैं तो ग़मों को भी सहना होगा,
दिल में यादों के सैलाब को, प्रेम के आँसुओं में बहाना होगा।

अमित शर्मा ने कहा…

जैसे सागर की लहरे
तट पर आती मिट जाती है
इस धरती पर सबको वैसे
आना फिर मिट जाना है.

.बहुत सुन्दर

chandra ने कहा…

जग ठगता है हर पल पग पग
क्यों रोते हो ऐसा कह कर
देकर धोखा अपने तन को
एक दिन तुमको भी जाना है....
यही अंतिम सत्य है लेकिन कमल है कि सब जानते हुए अनजान बनते है

chandra ने कहा…

इस कविता से वैराग भाव उपज रहा है बताइए हम क्या करे?

DR. PAWAN K MISHRA ने कहा…

चन्द्र भैया अगर ये वैराग १५ दिन तक बना रहे तो फिर मुझे बताइयेगा

"पलाश" ने कहा…

true words combination in the poem . which gives a true message .
माना अंतिम सत्य यही
कि आना है मिट जाना है
पर इन चार दिनों में ही
अमरत्व को भी कमाना है

जो मिट ना पाए युग युग तक
ऐसा कर्म हमें करना होगा
तन को तो जाना ही है
पर कर्म यही रह जाना है

जीवन ख़त्म नहीं होता
नश्वर शरीर के मिट जाने से
मिट कर भी इस जग में
अपना नाम अमिट कर जाना है

Manish ने कहा…

जैसे सागर की लहरे
तट पर आती मिट जाती है
इस धरती पर सबको वैसे
आना फिर मिट जाना है.

Bahut achchhi lines hai

DR. PAWAN K MISHRA ने कहा…

धन्यवाद आशीष जी प्रूफ के लिए

arganikbhagyoday ने कहा…

बहुत सुन्दर!