बुधवार, 4 अगस्त 2010

तुम पास में ठहरो, वक्त गुज़र जाने दो.












आधी रात बीत गयी बाकी भी बीत जाने दो
तुम पास में ठहरो, वक्त गुज़र जाने दो.

आयेगे और भी मौसम आकर चले जायेगे
पर तुम्हारे जाने से, बेमतलब हो जायेगे.

हवाएं अलसाई है फूलो को निखर जाने दो
चांदनी पिघल  रही है, रात संवर जाने दो.

प्रथम मिलन का प्रिय गीत फिर सुना दो
उस पार जाने से पहले, इक बार मुस्करा दो.

नदी  का गीत यूं टूटकर बिखर जाएगा 
तुम अभी जाओगी तो चाँद मुरझा जाएगा

सुर्ख होठो की लाली पूरब में बिखर जाने दो
तुम पास में ठहरो, वक्त गुज़र जाने दो.

7 टिप्‍पणियां:

Parul ने कहा…

प्रथम मिलन का प्रिय गीत फिर सुना दो
उस पार जाने से पहले, इक बार मुस्करा दो.

gud one...keep it up!

Dr Rakesh Kumar ने कहा…

माशाल्लाह

Dr Kiran ने कहा…

loving and romantic lines

Harshkant tripathi ने कहा…

आधी रात बीत गयी बाकी भी बीत जाने दो
तुम पास में ठहरो, वक्त गुज़र जाने दो

bahut khub.

पलाश ने कहा…

jis khobsoorti se aapne es bolg mai shabjaal ko bona aur usme bhawanao ko piroya hai , uske tarif shabdon mai nahi ki ja sakti.

आशीष/ ASHISH ने कहा…

अरे हम तो कहते हैं, के वक़्त ससुरा गुजरे ही नाहीं!
ठहर जाईब!
बहुत सुन्दर लिखें हैं आप मिसरा जी!
एकदम फैंटाबुलास्टिक!

हरकीरत ' हीर' ने कहा…

हवाएं अलसाई है फूलो को निखर जाने दो
चांदनी पिघल रही है, रात संवर जाने दो.

क्या बात है .....!!